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बहुत लंबे समय से उत्तर प्रदेश भाजपा में चल रही प्रदेश अध्यक्ष की खींचातानी आज समाप्त हो गई। आज भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने भूपेंद्र सिंह चौधरी को उत्तर प्रदेश का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया।
प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के पहले अटकलों का बाजार गर्म था। कई लोगों का कहना था कि भाजपा ब्राह्मण चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष बनाएगी।
उत्तर प्रदेश में भाजपा की हमेशा सेवा नीति रही है कि विधानसभा चुनाव में पिछड़ी जाति के चेहरे को अध्यक्ष बनाया जाता है। लोकसभा चुनाव के समय भारतीय जनता पार्टी किसी ब्राह्मण चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष बनाती है।
आज के समय में भारतीय जनता पार्टी सभी जातियों के समीकरण को दुरुस्त करने में लगी हुई है। अगर आंकड़ों की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी इस समय देश में ऐसी पार्टी है जिसके पास हर एक जाति से एक बड़ा चेहरा है।
भारतीय जनता पार्टी की हमेशा से यही राजनीति रही है रही है कि सामाजिक ताना-बाना को ध्यान में रखते हुए चेहरों को आगे किया जाए। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए भाजपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले भूपेंद्र सिंह चौधरी को अपना प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया।

सूत्रों की मानें तो इस रेस में भाजपा के अश्विनी त्यागी, बीएल वर्मा, प्रदेश मंत्री गोविंद नारायण शुक्ला और पूर्व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा का नाम था। लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने आज प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा कर सारी अटकलों पर लगाम लगा दी।
भूपेंद्र सिंह चौधरी संगठन के व्यक्ति हैं। काफी लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं। वर्तमान में भूपेंद्र सिंह चौधरी पंचायती राज मंत्री हैं।
भूपेंद्र सिंह चौधरी का योगी आदित्यनाथ से लेकर बाकी सभी नेताओं से अच्छे संबंध है। यह फैक्टर भी उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने में काफी फायदेमंद रहा है।
पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को उत्तरप्रदेश में काफी तकलीफों का सामना करना पड़ा था। पिछले चुनाव को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने संगठन मंत्री पश्चिमी उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले धर्मपाल सिंह को बनाया।
अब तो भूपेंद्र सिंह भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष बनाए जा चुके हैं। इस तरह से भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वोटों को साधने का एक अच्छा तरीका ढूंढ निकाला है